Tuesday, October 20th, 2026

छाती गांव के पोल्ट्री फार्म में मिला बर्ड फ्लू, दफनाया गया सभी मुर्गियों को

धमतरी
छत्तीसगढ़ में 14 जनवरी को  बालोद जिले के गिधाली गांव पहला बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सकर्त हो गया था। आज एक बार फिर धमतरी जिले के छाती गांव में स्थित एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने सभी मुर्गियों को दफनाने के साथ ही दूससे पोल्ट्री फार्म में संक्रमण न फैले के इसके लिए एक किलोमीटर के दायरे में संक्रमण से बचने के लिए दवाईयों का छिड़काव किया जा रहा है।

पशु चिकित्सा सेवाएं के अपर संचालक डॉ. केके ध्रुव ने बताया कि 21 जनवरी को छाती गांव के एक पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की मौत की बात सामने आई थी। पशु चिकित्सकों की एक टीम ने वहां जाकर जांच की, उसके बाद मृत मुर्गियों के स्वेब का नमूना राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल को भेजा गया। 25 जनवरी की देर शाम वहां से जांच रिपोर्ट मिली है, जिसके मुताबिक मृत मुर्गियों के शरीर में बर्ड फ्लू का वायरस मौजूद था। रिपोर्ट मिलने के बाद पशुधन विभाग ने इलाके को विसंक्रमित करने की तैयारी शुरू कर दी और गणतंत्र दिवस समारोह के बावजूद विभागीय अधिकारी मंगलवार को ही छाती गांव पहुंच गए और वहां उन्होंने संक्रमण की चपेट में आए फार्म हाउस की लगभग 300 मुर्गियों को गड्ढों में दफनाकर नष्ट कर दिया और आज बचे हुए मुर्गियों को दफनाया गया।

डॉ. ध्रुव ने बताया केंद्र सरकार के प्रोटोकाल के मुताबिक संक्रमित पोल्ट्री फार्म से एक किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री फार्म में मौजूद मूर्गियों को दफनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है है और फार्म से लगे 10 किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ा दी गई है। पोल्ट्री फार्म में मौजूद मूर्गियों को बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और पोल्ट्री फार्म की शिनाख्त के लिए सर्वे किया जा रहा है और नमूने लेकर उन्हें भोपाल भेजा रहा है।

 

Source : Agency

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